SEO कैसे करे? इस 8 SEO टिप्स से अपनी वेबसाइट को गूगल के फर्स्ट पेज पर लाये

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Digital Marketing | 1 Min Read

एसईओ (SEO) के लिए 8 महत्वपूर्ण टिप्स को जानें

SEO Search Enginer Optimizationसर्च इंजन की दुनिया में बहुत कुछ बदल चुका है, जबकि उसके कई फंडामेंटल प्रिंसपल्स  नहीं बदलने वाले हैं। उदाहरण के तौर पर केवल रैंकिंग सुधारने के उद्देश्य से बनाए जाने वाले कीवर्ड्स (शब्द) सर्च इंजन के साथ लंबे समय तक काम नहीं करते हैं, लेकिन कीवर्ड्स की उपयोगिता बनी हुई है।

इस कारण कई बार बहुत सारी एसईओ टेक्निक के साथ यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि किस टेक्निक को उपयोग में लाया जाए, और किसे छोड़ा जाए !

ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या लिंक्स बिल्डिंग अतीत की बात बनती जा रहे है? या फिर क्या आपको अपना पूरा समय और क्षमता आन-पेज एसईओ को झोंक देनी चाहिए? कुछ सवाल और भी हैं। जैसे- सर्च इंजन के साथ अपनी रैंकिंग को बनाए रखने के लिए ‘टाइटल टैग’ कैसा लिखा जाना चाहिए? एसईओ और सोशल मीडिया का प्रभाव किस रूप में कितना होता है? अच्छे नतीजे वाले एसईओ के लिए क्या करना चाहिए? कौन से सही तरीके अपनाने चाहिए?

इन सवालों को ध्यान में रखते हुए यहां मैं सही एसईओ के लिए 8 महत्वपूर्ण टिप्स बताना चाहता हूं, जो डिजिटल मार्केटिंग में बहुत ही उपयोगी साबित होंगे। इसके टेक्निक पर ध्यान देकर आप निश्चित रूप से अपने ब्लाग या वेबसाइट के लिए अधिक आर्गेनिक ट्रैफिक हासिल कर लेंगे। गूगल की पेनाल्टी का जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा और सर्च इंजन की रैंकिंग में सुधार करने में अच्छी सफलता मिलेगी। आईए इसकी शुरुआत करें:-

1. शुरुआत से ही वेब एनालिटिक्स वेबसाइट मैं रखें

सर्च इंजन के साथ मनपसंद लक्ष्य पाने के लिए सबसे पहले साफ्टवेयर एनालिटिक्स (विश्लेषण) पर यह ध्यान देना चाहिए कि इसमें क्या काम कर रहा है, और क्या नहीं? इससे व्यूअर्स द्वारा वेबसाइट के देखे जाने की कई विशेष जानकारी मिल जाती है। जिनमें विजिटर्स की संख्या और इस्तेमाल किए जाने वालों के तुलनात्मक ग्राफ शामिल होते हैं।

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गूगल एनालिटिक्स, गूगल सर्च कंसोल और दूसरे प्राइवेट ऐनालिटिक्स साफ्टवेयर के द्वारा सफलतापूर्वक ट्रैक करने में मदद मिल सकती है। जैसे CrazyEgg टूल से आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपकी साइट के विजिटर कहां-कहां क्लिक कर रहे हैं, और वे आपकी साइट से कैसे दूर हो जाते हैं।

इसके लिए साइट या लैंडिंग पेज पर विजिटर को भेजने से पहले आपको इस तरह के वेब एनालिटिक्स पर ध्यान देना चाहिए।

2.वेब साइट को धीमा करने वाली हर चीज को हटा दें।

load time websites & visitors relation

एसईओ में पेज की स्पीड एक महत्वपूर्ण फैक्टर होता है। एक समय था जब वेब साइट के स्लो होने से उस तक पहुंचने में काफी समय लगता था और दिक्कतें आती थीं। तब काफी खीज होती थी। बीते दिनों की याद ताजा करें तो पाएंगे कि किसी लाकप्रिय समाचार साइट को पूरी तरह से लोड होने के लिए पांच मिनट तक का इंतजार करना पड़ता था। निश्चित तौर पर कई बार आपको भी इसका सामना करना पड़ा होगा। यह कभी भी अच्छा अनुभव नहीं होता है, लेकिन इसके लिए काफी सारा दोष वेबसाइट आप्टेमाइजेशन का है।

 

यानि कि वेबसाइट का एक स्लो पेज यूजर को न केवल निराश कर सकता है, बल्कि अंततः उसे आपका उत्पाद खरीदने से रोकता भी है। इस स्थिति में एक स्लो साइट खरीददार, यूजर के मन-मस्तिष्क को गहराई तक प्रभावित कर देता है और वह उसे अविश्वसनीय साइट मान लेता है।

यह कहें कि पेज की स्पीड यूजर और सर्च इंजन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। ई-कंस्लटेंसी के अनुसार तीन सेकेंड से अधिक समय में लोड होने वाले वेबसाइट को 40 प्रतिशत लोग छोड़ देते हैं।

और तो और, उनमें से 80 प्रतिशत दोबारा उस साइट पर कभी नहीं लौटते हैं।

ई-कामर्स बिजनेस में ‘निर्धारित लक्ष्य’ की स्थिति बनाने और आमदनी बढ़ाने जैसे मौके हासिल करने के लिए सर्च इंजन द्वारा साइट आप्टेमाइजेशन के प्रति काफी सजग रहना पड़ता है। इसके लिए वेबसाइट के स्पीड की बड़ी मांग होती है।

9 अप्रैल 2010 को गूगल ने साइट की स्पीड को सभी महत्वपूर्ण रैंकिंग फैक्टर में शामिल किया था। इसका अर्थ यह है कि यदि आपके साइट के पेज की स्पीड कम है तो आपको आर्गेनिक सूचि में शीर्ष पर जाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ेगा। भले ही आपकी वेब साइट की डिजाइन प्रोफेशनल हो, या उसके कंटेंट की गुणवत्ता काफी अच्छी ही क्यों न हो। साइट की स्पीड अच्छी होने के लिए जरूरी है कि साइट को स्लो करने वाले अनावश्यक तत्वों से छुटकारा पाया जाए। यदि आप वर्डप्रेस यूजर हैं, तो वैसे प्लगइन्स को निष्क्रिय (डीएक्टिव) करने का विचार करें जिसे आपने इंस्टाल कर एक्टिव तो कर लिया है, लेकिन उसकी जरूरत नहीं है। इसके साथ ही अनावश्यक साइडबार को हटाकर जरूरी विजेट, यानि गजेट या मेकेनिकल डिवाइस के छोटे रूप को डालें।

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3. सिमिलर व रेलेवेंट  कंटेंट वाली अन्य वेबसाइटों के साथ लिंक करें।

साइट को दूसरे ब्लाग्स के साथ जोड़ने का काम उसे लोकप्रिय बनाने और आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होता है। अधिकतर लोग मेल खाने वाले संबंधित केंटेंट के पेज को लिंक करना अच्छा नहीं मानते हैं। उनका मानना है कि उससे उनके पेज सेे लोग दूर हो जाते हैं, लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता है। सच तो यह है कि लिंक बनाना स्मार्ट सर्च इंजन आप्टेमाइजेशन की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

Moz के संस्थापक रैंड फिश्किन के अनुसार लिंकिंग ट्रैक करने लायक ट्रैफिक भेजता है। यह आपकी साइट को अधिक मूल्यवान और आकलन किए जाने वाले साधन को बनाता है। यह कहें कि आप दूसरे से पाने की उम्मीद तभी कर सकते हैं, जब आप उसे पहले कुछे देने के लिए इच्छुक होते हैं।

इसलिए निश्चित तौर पर आपको केवल वैसे कंटेंट वाले पेज को ही लिंक करना चाहिए, जो जबरदस्त उपयोगी साबित हों। यह एक अच्छे एसईओ प्रैक्टिस से ही संभव है।

वैसे लिंक बनाने की उपयोगिता उसकी गुणवत्ता ( क्वालिटी ) पर निर्भर करता है उसकी संख्या पर नहीं। यदि आपके पास दर्जन भर साधारण या कमजोर ( क्वालिटी ) वाले लिंक हैं, तो उसके बजाय अच्छी क्वालिटी  वाले कुछ ही प्रमाणिक लिंक पर अधिक भरोसा कर सकते हैं।

 

4. लिंक के लिए केवल दूसरी भरोसेमंद साइटों को ही बढ़ावा दें।

काफी हद तक भीतरी (इनबाउंड ) लिंक अभी भी सर्च इंजन रैंकिंग के लिए काफी आवश्यक और महत्वपूर्ण होता है। जब आप लिंक के साथ जुड़कर उसे डू -फॉलो (do-follow) करने और ऐसा नहीं करने (no-follow) की स्थिति में होते हैं तो नेचुरल लिंक का एक प्रोफाइल बन जाता है, जो गूगल से मिला हुए एक उपहार होता है।  कांटेंट मार्केटिंग उच्च स्तरीय गुणवत्ता बनाने वाले, आकर्षक कंटेंट और लोगों में सृजन करने के बारे में होती हैं। इनको लिंक करने की जरूरत और प्रबल इच्छा से ही आप सोशल मीडिया पर कंटेंट शेयर करते हैं।

5. प्रत्येक पेज के लिए यूनिक और मेल खाने लायक मेटा डिस्क्रिप्शन लिखें।

Subhe.com Meta Description

 

एसईओ के सबसे महत्वपूर्ण टिप्स में से एक है मेटा डिस्क्रिप्शन (विवरण) को अच्छी तरह से तैयार करना, जिसकी ज्यादातर लोग उपेक्षा करते हैं। मेटा डिस्क्रिप्शन  का पहला भाग वह हिस्सा होता है, जिसे लोग तब देखते हैं जब आपके पेज को खोजने के लिए यूजर गूगल सर्च करता है।

 

आम तौर पर सर्च इंजन डुप्लिकेट कंटेंट को पसंद नहीं करता है। लेकिन, कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब किसी अन्य साइट या फिर लिंक पर जाकर स्रोत से पैराग्राफ या वाक्य को लाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में यदि डुप्लिकेट कंटेंट को पब्लिश करने की आदत बन जाती है, तो आपको गूगल द्वारा पेनाल्टि लग सकता है।

ऐसा बार-बार होने से डुप्लिकेट मेटा डिस्क्रिप्शन आपको परेशानी में डाल सकता है। इससे अगर आपको सीधे तौर पेनाल्टि भले ही नहीं लगे, लेकिन आप यूजर का अनुभव या उनसे मिलने वाले लाभ से वंचित हो सकते हैं। यानि कि ईमेल मार्केटिंग पेज और सेल करने के पेज मे एक जैसा मेटा डिस्क्रिप्शन  नहीं हो सकता है, ये दोनो पेज अलग हैं , इनके विषय अलग हैं और ये अंतर आपके मेटा डिस्क्रिप्शन मैं भी दिखाई देना चाहिए

 

यदि आप वर्डप्रेस यूजर हैं, तो आप डुप्लकेट मेटा डिस्क्रिप्शन की प्रॉब्लम ये कुछ प्लगइन इंसटाल करके सोल्व कर सकते हैं।  जैसे की All-In-One-SEO Pack or Yoast plugins.

6. आसानी से पढ़ाई मे व समज आने वाले URLs का ही प्रयोग करें।

यदि यूजर आपके URL को ठीक से नहीं पढ़ सकता है या उसे नहीं समझा जा सकता है, तो इससे सर्च इंजन भी भ्रमित हो सकता है।

देखें, यहां पेज का एक URL दिया गया है।

 

ऊपर दिया गया यूआरएल लंबा है, लेकिन यूजर और सर्च इंजन दोनों को आसानी से समझ में आने लायक है। इसमें शब्द और डैश के अलावा कोई अंक या अक्षर (कैरेक्टर) नहीं है।

इस तरह नीचे लिखे पेज के URL बनाने से दूर रहेंः-

https://www.entrepreneur.com/article/272531

याद रखें सर्च इंजन सर्च यूजर को फाॅलो करता है।

ब्रायन क्लार्क ने एक बार कहा था कि गूगल बाॅट्स (रोबाट के अंश) वैसे शिशुओं की तरह हैं, जिन्हें चम्मच से नियमित रूप से खिलाया जाना चाहिए।

आज सर्च इंजन काफी एडवांस्ड हो गए हैं लेकिन सर्च स्पाइडर्स एंड बोट्स अभी भी प्रोग्राम्स ही हैं , वह मनुष्य नहीं हैं। इस लिए अच्छे रिजल्ट्स पाने के लिए आपको उन्हें गाइड करना पड़ेगा

यदि हमने एक नए URL स्ट्रक्चर को अपनाया हैं, तो हमें ब्रायन डीन के स्ट्रक्चर पैटर्न को अपनाना चाहिए। वह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी URL में सिर्फ दो-चार शब्द शामिल हों। यह URL यूजर को याद रखने लायक, सर्च इंजन-फ्रैंडली और टाइप करने में आसान बनाता है।

7. अपनी इमेज के लिए सही कीवर्ड का प्रयोग करें।

सर्च इंजन आप्टेमाइजेशन में इमेज महत्वपूर्ण होता है।

गूगल ने अपने सर्च रिजल्ट्स मैं इमेजेज का अलग से सेक्शन बनाया है. इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है की गूगल के लिए इमेज कितनी महत्वपूर्ण है.

जब यूजर विशेष इमेज के लिए देख रहा होता है, तो वह किसके साथ सर्च करता है?

कीवर्डस् के साथ।

इस कारण आपको चाहिए कि अपनी इमेज के नाम और उससे संबंधित एक कैप्शन की तरह टेक्सट के साथ सही कीवर्ड का प्रयोग किया जाए। हालांकि कोई संदेह नहीं कि इसमें कीवर्ड से भरने की अनुमति नहीं होती है।

फिर भी यदि इमेज ‘‘ महिला की नीली हैट ’’ की है, तो उसका नाम ‘‘हैट खरीदने के लिए यहां क्लिक करें ’’ नहीं दें।

हमेशा याद रखें कि सर्च  इंजन ऑप्टिमाइजेशन में, रचनात्मकता या चतुरता से अधिक महत्वपूर्ण है रेलेवंस मतलब प्रासंगिकता या समानता/ संबंधता ।

8. अपनी रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए नियमित यूनिक कंटेंट बनाएं और प्रकाशित करें।  

केंटेंट मार्केटिंग इंस्टीट्यूट के अनुसार यूनिक और आकर्षक कंटेंट तैयार करना अधिकतर मार्केटर के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।

चाहें आप बी2बी या बी2सी मार्केटर हों, जब आपको कंटेंट बनाने की जरूरत होती है, तो इसके लिए सजग और संयमित होने की आवश्यकता है। ‘फ्रेश फैक्टर’ जैसी किसी बात के कारण यह बहुत जरूरी है कि आप क्या सोंचते हैं। यूनिक कंटेंट उन कारकों में से एक है जो इस तथ्य को प्रभावित करता है और इसके परिणामस्वरूप खास पेज के लिए सर्च इंजन रैंकिंग मिलती है।

यदि अपने बिज़नेस को ऑनलाइन प्रमोट करने का तय किया है तो फिर यूनिक और हेल्पफुल ब्लॉग पोस्ट लिखना एक विकल्प नहीं है , ये आपके बिज़नेस के लिए बहोत ही जरूरी है।

निष्कर्ष

यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि किसी भी डोमेन या वेब पेज की उम्र शीर्ष एसईओ टिप्स में से एक है। वास्तव में यह आपकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। इस कारण अपने डोमेन नाम को लगातार नहीं बदलें। इसके साथ तबतक बने रहें जब तक आपके पास इसे बदलने का कोई खास इच्छा या कारण नहीं हो।

यदि आपने पहले कोई पोस्ट प्रकाशित की हो, जो अब यूजर के लिए प्रासंगिक नहीं है, तो खासकर हाल के गूगल द्वारा किए गए बदलावों पर ध्यान दें। फिर से कंटेंट का नया हिस्सा लिखने के बजाय उस पृष्ठ को अपडेट करें।

इस तरह से आप बैकलिंक्स, सोशल मीडिया शेयर और दूसरे आॅन-साइट फायदेमंद काम पहले से ही प्राप्त कर सकते हैं।

अंततः लंबे सर्च के मुहाबरों, जैसे सोशल मीडिया मार्केटिंग तकनीक के संदर्भ में कंटेंट बनाने पर ध्यान केंद्रित करना सीखें, न कि केवल कीवर्ड ( जैसे सोशल मीडिया) बनाएं।

जब आप लिंक बनाने की बात सोंचते हैं तो उसकी गुणवत्ता की सोंचें,  मात्रा की नहीं। और, अपने वेब पेज को मोबाइल फ्रैंडली बनाना नहीं भूलें। जब आप एसईओ टिप्स पर ध्यान देते हैं, तो मैं गारंटी देता हूं कि आप बेहतर कंटेंट बनाएंगे, अधिक आर्गेनिक ट्रैफिक ड्राइव करेंग, अधिक बढ़त हासिल करेंगे और अपनी आमदनी बढ़ाएंगे।

सर्च रैंकिंग को सुधारने के लिए आप किस दूसरे सर्च इंजन आप्टेमाइजेशन टिप्स या टेक्निक के बारे में सोचते हैं कि यह जानना जरूरी है कि कितना महत्वपूर्ण है? क्या आपके पास कोई एसईओ टिप्स हैं, जो आपके विरूद्ध काम कर चुकी हैं? अपनी टिप्पणियां नीचे लिखने के लिए आप स्वतंत्र हैं।(Words 2093)

अगर आप SEO संबंधित पूरा ब्लॉग पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें >> A Beginner’s Guide to Search Engine Optimization (SEO)

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